रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की कीट विज्ञान (Entomology) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक कॉलेज प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में पदस्थ 38 वर्षीय प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया इस मामले का कथित मास्टरमाइंड है।

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर समेत कई स्थानों पर जांच और दबिश की कार्रवाई की गई।


प्रोफेसर पर प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप

पुलिस जांच के मुताबिक, योगेश सोनकेसरिया दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। आरोप है कि उसने 17 अगस्त को रायपुर एग्रीकल्चर कॉलेज से परीक्षा के प्रश्नपत्र प्राप्त किए थे।

पुलिस का दावा है कि प्रश्नपत्र का सीलबंद लिफाफा घर ले जाने के बाद आरोपी ने एक नुकीली सुई की मदद से लिफाफे में बेहद छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल फोन के कैमरे से अंदर रखे प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया गया।

आरोप है कि वीडियो बनाने के बाद लिफाफे को दोबारा इस तरह व्यवस्थित किया गया, ताकि उसके साथ हुई छेड़छाड़ का आसानी से पता न चल सके।


11 हजार रुपये में प्रश्नपत्र बेचने का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लीक किए गए प्रश्नपत्र को कथित तौर पर छात्रों तक पहुंचाने के बदले 11 हजार रुपये लिए गए थे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किन छात्रों तक पहुंचा और वहां से इसे किन-किन लोगों को भेजा गया। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पेपर के प्रसार की कड़ी भी खंगाली जा रही है।


20 अगस्त को होनी थी कीट विज्ञान की परीक्षा

लीक हुआ प्रश्नपत्र बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान विषय (AGCH 221) की परीक्षा से संबंधित था। यह परीक्षा 20 अगस्त को IGKV से संबद्ध 28 कॉलेजों में आयोजित होनी थी।

परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की सूचना सामने आई। कवर्धा परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय प्रबंधन को इसकी जानकारी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया।


चार जिलों में पुलिस ने चलाया अभियान

पेपर लीक की गंभीरता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। ACCU और तेलीबांधा पुलिस की टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में अलग-अलग स्थानों पर जांच की।

जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक के स्रोत तक पहुंची और प्रोफेसर समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया।


पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र आरोपी प्रोफेसर से छात्रों तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके प्रसार में कितने लोग शामिल थे। मोबाइल फोन, कॉल और मैसेजिंग से जुड़े रिकॉर्ड समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में अन्य छात्र, कॉलेज कर्मचारी या कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस प्रत्येक आरोपी की भूमिका और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।