दुर्ग, 6 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण, 12 माह का सेवाकाल, रोजगार सुरक्षा और सम्मानजनक वेतनमान की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। अनिश्चितकालीन हड़ताल के छठे दिन सोमवार को दुर्ग में शिक्षकों ने मूसलाधार बारिश के बीच एक पैर पर खड़े होकर अनोखा विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील की।
दुर्ग बना आंदोलन का मुख्य केंद्र
शिक्षा मंत्री के गृह जिले दुर्ग में आंदोलन सबसे अधिक प्रभावी दिखाई दे रहा है। यहां 1500 से अधिक अतिथि शिक्षक धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बार वे बिना ठोस आश्वासन और मांगें पूरी हुए आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
तेज बारिश भी नहीं तोड़ सकी हिम्मत
लगातार हो रही बारिश के बावजूद शिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे। उन्होंने एक पैर पर खड़े होकर सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे रोजगार की सुरक्षा, पूरे साल का सेवाकाल और सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।
22 जिलों में पढ़ाई पर असर का दावा
हड़ताल का असर अब प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। अतिथि शिक्षकों का दावा है कि 22 जिलों के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई स्कूलों में नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- नियमितीकरण किया जाए।
- 12 माह का सेवाकाल सुनिश्चित किया जाए।
- सम्मानजनक वेतनमान दिया जाए।
- रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।





