रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से नवा रायपुर स्थित सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सिटी बस सेवा 1 नवंबर 2026 से बंद होने की आशंका है। पंजीयन विभाग की ओर से जारी पत्र में कर्मचारियों को परिवहन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के सामने आने के बाद मंत्रालय और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
31 अक्टूबर को समाप्त होगा बस सेवा का समझौता
जानकारी के अनुसार, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में बस सेवा से संबंधित समझौते की जानकारी दी गई है।
उप महानिरीक्षक पंजीयन उषा साहू के हस्ताक्षर से जारी पत्र के मुताबिक, रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (RNTL) का मूल अनुबंध 19 दिसंबर 2022 को ही समाप्त हो चुका है।
इसके बाद कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के साथ अस्थायी समझौते के आधार पर बस सेवा संचालित की जा रही थी। इस समझौते की अवधि 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रही है।
1 नवंबर से कर्मचारियों को खुद करनी होगी परिवहन व्यवस्था
विभागीय पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद मौजूदा व्यवस्था के तहत बस सेवा जारी रखना संभव नहीं होगा।
ऐसे में संबंधित कर्मचारियों को 1 नवंबर से कार्यालय आने-जाने के लिए स्वयं परिवहन की व्यवस्था करने को कहा गया है।
हालांकि, अन्य विभागों की ओर से अभी तक इस संबंध में अलग से कोई लिखित आदेश जारी होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
रोजाना 25 से 30 किलोमीटर का सफर करते हैं कर्मचारी
रायपुर से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों तक बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन आवागमन करते हैं।
कई कर्मचारियों को करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में बस सेवा बंद होने पर उन्हें निजी वाहनों या अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
इससे कर्मचारियों के मासिक यात्रा खर्च में बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
कर्मचारियों ने उठाई यात्रा भत्ता देने की मांग
बस सेवा बंद करने की तैयारी के बीच कर्मचारी संगठनों में नाराजगी की जानकारी सामने आई है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार परिवहन सुविधा बंद करती है, तो उन्हें आने-जाने के खर्च की भरपाई के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कर्मचारियों की मांग है कि पेट्रोल-डीजल और परिवहन खर्च को ध्यान में रखते हुए उचित कन्वेंस अलाउंस की व्यवस्था की जाए, ताकि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
मंत्रालय और अन्य विभागों की बस सेवा पर स्थिति स्पष्ट नहीं
पंजीयन विभाग के पत्र के बाद नवा रायपुर स्थित अन्य सरकारी कार्यालयों में भी बस सुविधा के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि परिवहन सुविधा बंद करने का निर्णय सभी विभागों पर लागू होगा या संबंधित विभाग की मौजूदा व्यवस्था तक ही सीमित रहेगा।
अन्य विभागों के लिए बस संचालन की नई व्यवस्था अथवा समझौते के विस्तार को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकार के अगले फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर
सरकारी कर्मचारियों के लिए सिटी बस सेवा कार्यालय पहुंचने का महत्वपूर्ण साधन रही है। ऐसे में इस सुविधा के बंद होने की संभावना से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ सकती है।
फिलहाल 31 अक्टूबर को अस्थायी समझौते की अवधि समाप्त होने वाली है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार बस सेवा जारी रखने के लिए कोई नई व्यवस्था करती है या उन्हें स्वयं परिवहन का इंतजाम करना होगा।





