नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार और मंगलवार को सोने तथा चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन ईरान से जुड़े एक महत्वपूर्ण बयान के बाद निवेशकों की सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग बढ़ने से बाजार में अचानक तेजी लौट आई। हालांकि मंगलवार, 23 जून को अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोना और चांदी फिर दबाव में आ गए।

शुरुआती कारोबार में गिरावट

मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (COMEX) और घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) पर सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं से कुछ हद तक कम हुआ, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी अन्य मुद्राओं में महंगे हो जाते हैं। इससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है और कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

ईरान से जुड़े घटनाक्रम ने बढ़ाई थी तेजी

सोमवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंकाओं के बीच सोने और चांदी में तेजी देखी गई थी। ईरान से जुड़े बयान और पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया था। इसके चलते शुरुआती गिरावट के बाद दोनों धातुओं की कीमतों में तेजी आई।

निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक संकेतकों पर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, महंगाई के आंकड़े और डॉलर की चाल सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि डॉलर और मजबूत होता है तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है, जबकि वैश्विक तनाव या कमजोर आर्थिक आंकड़े सोने को समर्थन दे सकते हैं।

घरेलू बाजार पर भी असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों में कारोबारियों ने सतर्क रुख अपनाया है। निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों और डॉलर की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

आगे क्या रहेगा रुझान?

विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में सोना और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।