राजनांदगांव। जिले में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए आलीवारा और बरगा रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में निर्माण गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। हाल ही में लोकार्पित इन दोनों ओवरब्रिजों पर सड़क धंसने और लंबी दरारें उभरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सबसे अधिक नुकसान बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर देखा गया है। यहां पुल के ऊपरी हिस्से में लगभग 70 से 100 मीटर तक लंबी दरारें दिखाई दी हैं। कई स्थानों पर सड़क धंस गई है, जबकि किनारों की डामर परत भी उखड़ने लगी है। लगातार हो रही बारिश के बाद दरारें और चौड़ी होने से वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

आलीवारा ओवरब्रिज पर भी सड़क क्षतिग्रस्त

आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। यहां बारिश के चलते सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। कुछ स्थानों पर सड़क के नीचे खाली जगह बनने और किनारों के बैठने की शिकायत सामने आई है। एहतियात के तौर पर प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग कर आवागमन सीमित कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन ओवरब्रिजों से वर्षों पुरानी जाम की समस्या खत्म होने की उम्मीद थी, उनकी हालत पहली ही बारिश में बिगड़ गई। लोगों का आरोप है कि यदि शुरुआती दौर में ही इस तरह की स्थिति सामने आ रही है, तो भविष्य में पुलों की मजबूती को लेकर गंभीर चिंता बनी रहेगी। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और गुणवत्ता की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

मरम्मत कार्य शुरू, कारणों की होगी जांच

बारिश के कारण दोनों ओवरब्रिजों से यातायात भी प्रभावित हुआ और कई वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ा। इस बीच रेलवे और निर्माण एजेंसी ने प्रभावित हिस्सों में मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क धंसने और दरारें आने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। हालांकि पहली ही बारिश के बाद सामने आई इन खामियों ने निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।