रायपुर/मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र वितरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 184 नवविवाहित महिलाओं को दिए गए मंगलसूत्र कुछ ही दिनों में काले पड़ने लगे। शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई जांच में खरीद प्रक्रिया और गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।


दुल्हनों की शिकायत से खुला मामला

सामूहिक विवाह के कुछ सप्ताह बाद कई नवविवाहिताओं ने शिकायत की कि उन्हें दिए गए मंगलसूत्र का रंग बदल गया है। स्थानीय सर्राफा व्यापारियों से जांच कराने पर पता चला कि मंगलसूत्र में चांदी के बजाय कथित तौर पर गिलट (सस्ती धातु) का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद लाभार्थियों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से शिकायत की।


जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां

मामले की जांच एमसीबी कलेक्टर के निर्देश पर कराई गई। जांच रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण और वित्तीय नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि सामग्री की खरीद निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हुई और गुणवत्ता की पर्याप्त जांच भी नहीं कराई गई।


विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा

जांच रिपोर्ट में तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) आदित्य शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। रिपोर्ट राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी गई है, जहां आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।


विधानसभा में भी उठा मुद्दा

मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूंजा। विपक्ष ने सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, पूरी खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और लाभार्थी महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मंगलसूत्र उपलब्ध कराने की मांग की।


अभी क्या स्थिति है?

अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई है। हालांकि, किसी अधिकारी के निलंबन, एफआईआर दर्ज होने या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।