दुर्ग। नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली स्थित शुभकामना हाइट्स में बुजुर्ग दंपती को धारदार हथियार के बल पर लूटने वाले आरोपी को दुर्ग पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, धारदार हथियार और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को शुभकामना हाइट्स, प्रगति नगर, रिसाली निवासी वी. कुमार (59) ने नेवई थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह प्लांट की ड्यूटी पर गए हुए थे। इसी दौरान घर में काम करने वाली गिरजा यादव ने फोन कर सूचना दी कि एक अज्ञात युवक घर में घुस आया है और उनके बुजुर्ग माता-पिता को हथियार दिखाकर धमका रहा है।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। घर में घुसते ही उसने बुजुर्ग दंपती को भयभीत किया और सोने-चांदी के जेवर व नकदी की मांग करने लगा। वारदात के दौरान वह सोने का नेकलेस लेकर मौके से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही नेवई पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान विभान्शु महोबिया (21) के रूप में हुई। वह मूल रूप से सकई वायकला, थाना बम्हनी बंजर, जिला मंडला (मध्यप्रदेश) का रहने वाला है और फिलहाल भिलाई नगर क्षेत्र में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने लूट की वारदात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, धारदार हथियार और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए।
नेवई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 436/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(3), 333 और 127(2) के तहत कार्रवाई की है। 6 जुलाई 2026 को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बुजुर्ग दंपती को घर में अकेला देखकर लूट की योजना बनाई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का जल्द खुलासा हो गया।
इस कार्रवाई में नेवई थाना प्रभारी, क्राइम टीम, उपनिरीक्षक सुरेंद्र तारम, प्रधान आरक्षक नंदलाल तथा आरक्षक रवि बिसाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।





