दुर्ग। साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने 8 और छावनी थाना पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अपने बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने, छिपाने और दूसरे खातों में स्थानांतरित करने का आरोप है।

भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ कमाने का काम करते थे। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं।


समन्वय पोर्टल से खुला ठगी का नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से प्राप्त राशि पहले इन म्यूल बैंक खातों में जमा की जाती थी और बाद में उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, ताकि रकम का स्रोत छिपाया जा सके। जांच में खाताधारकों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।


सिटी कोतवाली पुलिस ने 8 खाताधारकों को पकड़ा

सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के 106 संदिग्ध खातों की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान 8 खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सभी के पास से बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।


छावनी थाना प्रकरण में अब तक 17 गिरफ्तार

छावनी थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पहले ही 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी—प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार—को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अब तक कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।