भुवनेश्वर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से अपने इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान Gen-Z युवाओं को गुमराह किया गया। प्रधान के मुताबिक, उनके लिए किसी पद पर बने रहने से ज्यादा महत्वपूर्ण देश के युवाओं का भविष्य है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पूरे विवाद के बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने ओडिशा की राजनीति को लेकर बीजू जनता दल (BJD) और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा।


‘Gen-Z हमारे अपने बच्चे, कुछ लोगों ने उन्हें भटकाया’

भुवनेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि Gen-Z पीढ़ी देश का भविष्य है और ये युवा हमारे अपने बच्चों की तरह हैं, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए उन्हें कथित तौर पर भटकाने का प्रयास किया।

प्रधान ने कहा कि पूरे विवाद में उनका कोई व्यक्तिगत हित नहीं था। युवाओं की शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और भविष्य से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए।


‘पद से ज्यादा युवाओं का भविष्य महत्वपूर्ण’

अपने इस्तीफे का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनके लिए मंत्री पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण विद्यार्थियों का भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा है।

उन्होंने संकेत दिया कि NEET विवाद के बाद पैदा हुई परिस्थितियों में उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में पद से अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और युवाओं के हित हैं।


NEET विवाद पर विरोध-प्रदर्शनों का भी किया जिक्र

NEET में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे। धर्मेंद्र प्रधान ने इन प्रदर्शनों के संदर्भ में कहा कि युवाओं की चिंताओं को समझना जरूरी है, लेकिन उन्हें गलत जानकारी देकर भ्रमित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में युवाओं का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।


BJD और नवीन पटनायक पर भी साधा निशाना

धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान BJD और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जनता विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती है।

प्रधान ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप होते रहेंगे, लेकिन युवाओं की शिक्षा और भविष्य से जुड़े विषयों को राजनीतिक स्वार्थ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।