रायपुर। दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने वालों को रोकने के लिए पूरी दिल्ली को जेल में तब्दील कर दिया गया है। जगह-जगह पुलिस की घेराबंदी और वाहनों की जांच की जा रही है। बैज ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शन से घबराई हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।


दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

मीडिया से बातचीत के दौरान दीपक बैज ने कहा कि लोकतांत्रिक धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। जगह-जगह वाहनों की जांच हो रही है और एंबुलेंस तक को नहीं छोड़ा जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। बैज ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।


संविधान को लेकर भाजपा के आरोपों पर किया पलटवार

भाजपा की ओर से कांग्रेस पर संविधान को हाईजैक करने की कोशिश के आरोपों पर दीपक बैज ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है।

बैज ने कहा कि सरकार ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। इसी के विरोध में आम जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।


गन्ना खरीदी के फैसले पर सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी की घोषणा पर भी दीपक बैज ने सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। मजदूरों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और किसान परेशान हैं।

बैज ने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि धरातल पर किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।


रोजगार मेले में 10 हजार नौकरियों के दावे पर सवाल

प्रदेश में आयोजित रोजगार मेले को लेकर भी पीसीसी अध्यक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार देने का दावा कर रही है, जबकि प्रदेश में एक लाख से अधिक सरकारी पद खाली हैं।

बैज ने दावा किया कि सरकार अब तक पांच हजार रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है।


रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे पर भी साधा निशाना

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के छत्तीसगढ़ दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने रेल सेवाओं की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि सरकार आयोजनों पर अनावश्यक खर्च कर रही है।

बैज ने आरोप लगाया कि रेल व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को नई ट्रेनों के उद्घाटन से पहले दिल्ली से संचालित होने वाली ट्रेनों की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।


राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर बयानबाजी का दिया जवाब

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर भाजपा नेता एवं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की टिप्पणी पर भी दीपक बैज ने पलटवार किया।

उन्होंने कहा कि श्याम बिहारी जायसवाल को पहले अपने विभाग की जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।

बैज ने प्रदेश में जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी उद्योगपतियों को जल, जंगल और जमीन सौंप रही है।

उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरण से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार का क्या रुख है।


कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा

दीपक बैज ने दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन से लेकर छत्तीसगढ़ में किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, रेल सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण तक कई मुद्दों पर केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। हालांकि, रोजगार, रेल व्यवस्था, चुनाव आयोग और अन्य विषयों पर लगाए गए आरोप दीपक बैज के राजनीतिक बयान हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं की जा सकती।