अंबिकापुर। सरगुजा जिले के रामगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित नई खदानों और केते एक्सटेंशन परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है। शनिवार को रामगढ़ में आयोजित एक विशाल जनपरिचर्चा में हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेशभर में खनन परियोजनाओं के खिलाफ व्यापक आंदोलन छेड़ने की घोषणा की।
दीपक बैज ने सत्ताधारी दल पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बड़े औद्योगिक घरानों के इशारों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का चेहरा भले ही जनहित का दिखता हो, लेकिन व्यवस्था पर वास्तव में पूंजीपतियों का नियंत्रण है। उन्होंने बस्तर से लेकर सरगुजा तक जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए गांधीवादी तरीके से एकजुट संघर्ष का आह्वान किया।
पर्यावरणीय नुकसान को लेकर जताई चिंता
कार्यक्रम में पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित परियोजनाओं से होने वाले व्यापक प्राकृतिक नुकसान को लेकर गंभीर चेतावनी दी। हसदेव बचाव मंच के आलोक शुक्ला ने कहा कि केवल केते एक्सटेंशन परियोजना से ही लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में फैले सात लाख से अधिक पेड़ों की कटाई हो सकती है, जिसमें छोटे पौधों की संख्या शामिल नहीं है।
इसके अलावा, भकूरमा और तारा कोल ब्लॉक के तहत करीब 20,000 एकड़ क्षेत्र में वनों की बड़े पैमाने पर कटाई की योजना होने की बात भी सामने आई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस स्थिति के खिलाफ जनआंदोलन नहीं खड़ा हुआ तो रामगढ़ का ऐतिहासिक स्वरूप और क्षेत्र के प्रमुख जल स्रोत गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम ने भी उठाए सवाल
पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भी मंच से क्षेत्र के सामाजिक और प्राकृतिक ताने-बाने पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले हसदेव क्षेत्र में सीमित खदान को अनुमति दी गई थी, लेकिन अब वहां 23 नए कोल ब्लॉक चिन्हित किए जा चुके हैं।
उन्होंने उदयपुर ब्लॉक के ग्रामीणों से संवाद करते हुए सवाल उठाया कि औद्योगिकीकरण से स्थानीय लोगों को वास्तविक लाभ कितना मिला है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक मूर्तियों को स्थानांतरित करने के लिए नए मंदिर के निर्माण की योजना एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, जिससे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
बड़ी संख्या में लोग शामिल
कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा, सर्व आदिवासी समाज के विनोद नागवंशी और रामगढ़ संरक्षण समिति के प्रतिनिधियों ने भी संबोधन दिया। वक्ताओं ने मौजूदा व्यवस्था को “कॉरपोरेट प्रभाव” से प्रभावित बताते हुए जनता के अधिकारों की बात कही। इस जनसभा में अम्बिकापुर, उदयपुर, लखनपुर, सीतापुर, बतौली, मैनपाट और सूरजपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।





