भिलाईनगर। राजनांदगांव स्थित युगांतर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (YITM) के बंद होने के बाद वहां पढ़ रहे बीटेक विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) ने अहम फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने संस्थान के कुल 68 विद्यार्थियों को दुर्ग-भिलाई के अन्य तकनीकी कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया है। इससे पढ़ाई और परीक्षा को लेकर परेशान विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
विश्वविद्यालय के आदेश के अनुसार, 28 नियमित और 40 डिटेंड विद्यार्थियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 67 विद्यार्थियों को छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CSIT), दुर्ग में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि एक विद्यार्थी को आरएसआर रुंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भिलाई में स्थानांतरित किया गया है।
1 सितंबर तक लेना होगा नए कॉलेज में प्रवेश
CSVTU ने सभी संबंधित विद्यार्थियों को 1 सितंबर तक आवंटित संस्थान में प्रवेश लेने के निर्देश दिए हैं। संबंधित कॉलेजों को भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। इसके साथ विद्यार्थियों के स्थानांतरण प्रमाण-पत्र की छायाप्रति भी जमा करनी होगी, ताकि विश्वविद्यालय नए रोल नंबर जारी कर सके।
विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि स्थानांतरित विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक रिकॉर्ड से जुड़ी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं।
तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर के नियमित छात्र शामिल
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूची में अलग-अलग सेमेस्टर के विद्यार्थी शामिल हैं। नियमित श्रेणी में तीसरे सेमेस्टर के 8, पांचवें सेमेस्टर के 11 और सातवें सेमेस्टर के 9 विद्यार्थी हैं। इस तरह कुल 28 नियमित विद्यार्थियों को CSIT दुर्ग में स्थानांतरित किया गया है।
डिटेंड श्रेणी में तीसरे सेमेस्टर के 2, पांचवें सेमेस्टर के 6, छठवें सेमेस्टर के 19 और सातवें सेमेस्टर के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें लगभग सभी विद्यार्थियों को CSIT दुर्ग भेजा गया है। तीसरे सेमेस्टर के एक विद्यार्थी को आरएसआर रुंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भिलाई में स्थान दिया गया है।
छात्रों को राहत, अब नए कॉलेज में जारी रहेगी पढ़ाई
YITM के बंद होने के बाद विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई, परीक्षा और डिग्री की निरंतरता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद अब उनकी पढ़ाई दूसरे संस्थानों में जारी रह सकेगी। हालांकि विद्यार्थियों को तय समय के भीतर नए कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नए संस्थानों को भी विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड, कक्षाओं, रोल नंबर और परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करना होगा।
परीक्षा फॉर्म को लेकर भी CSVTU ने किया स्पष्ट
विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। नियमित बीटेक विद्यार्थी सेमेस्टर परीक्षा की पात्रता पूरी करने के बाद ही मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। इसी तरह डिटेंड विद्यार्थियों को भी निर्धारित सेमेस्टर परीक्षा की पात्रता पूरी करने के बाद मुख्य परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति मिलेगी।





