सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर नगर पंचायत में प्रस्तावित परिषद बैठक के एजेंडे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षदों ने सामूहिक रूप से आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्य नगर पंचायत अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों का आरोप है कि बैठक में रखे जाने वाले महत्वपूर्ण विषयों को लेकर उनसे पहले चर्चा नहीं की गई और समय रहते पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि परिषद की बैठक नगर पंचायत के विकास कार्यों और महत्वपूर्ण फैसलों का प्रमुख मंच है। ऐसे में बैठक के एजेंडे की जानकारी सभी निर्वाचित पार्षदों को पहले दी जानी चाहिए और महत्वपूर्ण विषयों पर उनकी राय भी ली जानी चाहिए। उन्होंने निर्णय प्रक्रिया में सभी पार्षदों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
वार्ड की समस्याओं को लेकर भी उठाए सवाल
वार्ड क्रमांक-3 के पार्षद मासूम इराकी ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण फैसलों में कांग्रेस पार्षदों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को किसी भी बड़े निर्णय से पहले विश्वास में लिया जाना चाहिए।
वहीं वार्ड क्रमांक-10 की पार्षद प्रियंकल तिवारी ने अपने क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मुख्य सड़क की स्ट्रीट लाइट करीब एक महीने से बंद है। सफाई और बिजली से जुड़ी समस्याओं का भी समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इन सुविधाओं को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
पारदर्शिता और सहभागिता की मांग
पार्षदों ने ज्ञापन में मांग की है कि परिषद की बैठक से पहले सभी विषयों और एजेंडे की पूरी जानकारी दी जाए। महत्वपूर्ण मामलों पर पार्षदों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएं और परिषद की कार्यवाही में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि उनका विरोध विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी जनप्रतिनिधियों को उचित अवसर और सम्मान देने की मांग को लेकर है। अब नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।





