महासमुंद। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने महासमुंद में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोरी” के आरोप लगाते हुए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया था। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हालिया विवादों ने निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
महासमुंद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है।
AAP ने भी उठाए चुनावी पारदर्शिता के सवाल
आम आदमी पार्टी ने भी हाल के दिनों में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गलत जोड़-घटाव को रोका जाना चाहिए।
महासमुंद में AAP कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।
निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे तथा किसी अपात्र व्यक्ति का नाम न जोड़ा जाए।
“वोट चोरी” के आरोप विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष किसी स्वतंत्र जांच अथवा सक्षम संवैधानिक या न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।





