रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के पहले प्रदेश दौरे के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पिछले शासनकाल और उसके चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी प्रदेश की जनता का विश्वास खो चुकी है। दूसरी ओर, सुखदेव भगत अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें करने वाले हैं।

कांग्रेस के 2018 से 2023 के कार्यकाल पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस को बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन उनके अनुसार कांग्रेस अपने जनघोषणा पत्र में किए गए कई वादों को पूरा नहीं कर सकी। यह भाजपा और मुख्यमंत्री साय का राजनीतिक आरोप है।

सीएम साय ने दावा किया कि कांग्रेस के पांच वर्ष के शासन के बाद जनता ने पार्टी से दूरी बनाई और अब उसके लिए दोबारा विश्वास हासिल करना आसान नहीं होगा।

अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर भी लगाए आरोप

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के पिछले कार्यकाल को लेकर अपराध और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश में कई मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।

ये आरोप मुख्यमंत्री और भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। कांग्रेस की ओर से ऐसे आरोपों का समय-समय पर विरोध किया जाता रहा है।

पहली बार प्रदेश दौरे पर सुखदेव भगत

कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रभारी और लोकसभा सांसद सुखदेव भगत 27 सितंबर से तीन दिवसीय प्रदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वे पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, जिला कांग्रेस अध्यक्षों, विभिन्न संगठन और विभाग प्रमुखों के साथ बैठकें करेंगे। वरिष्ठ नेताओं के साथ वन-टू-वन चर्चा भी प्रस्तावित है।

विधायक दल की बैठक में भी होंगे शामिल

सुखदेव भगत के दौरे के दौरान कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी आयोजित की जानी है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कांग्रेस विधायक शामिल होंगे। पार्टी और विधायक दल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, हालांकि विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

प्रदेश की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी

नए कांग्रेस प्रभारी के पहले दौरे के साथ ही प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस संगठनात्मक बैठकों के जरिए आगे की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं भाजपा नेता कांग्रेस के पिछले शासनकाल और चुनावी वादों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।