रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जहां विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि SIR के जरिए फर्जी मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची से अलग करने की प्रक्रिया की जा रही है, तो इसे लेकर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। चुनाव आयोग की ओर से भी SIR समेत फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है।
झीरम घाटी मामले के फैसले का सम्मान करने की बात
झीरम घाटी मामले में पीड़ित परिवारों की 26 सितंबर को राहुल गांधी से प्रस्तावित मुलाकात पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मामले में करीब 13 वर्षों तक सुनवाई चली और 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत का फैसला आया है, इसलिए उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब झीरम घाटी मामले के पीड़ित और प्रभावित परिवार दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के फैसले से जुड़े विषयों पर चर्चा की तैयारी कर रहे हैं।
कर्मवीर की नियुक्ति पर भी दी प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ भाजपा के नए प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह की नियुक्ति पर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संगठन में बदलाव एक नियमित प्रक्रिया है और कर्मवीर सिंह के आने से प्रदेश भाजपा संगठन को मजबूती मिलेगी।
सीएम साय ने पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के कार्यकाल का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संगठन की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। अब संगठनात्मक बदलाव के तहत कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।





