छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने “ऑपरेशन सेफ पैसेज” के तहत कार्रवाई करते हुए दो बाघों की खाल और 13 मूंछों के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है।
गोपनीय सूचना पर हुई कार्रवाई
वन विभाग को खुफिया सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र सीमा की ओर से बाघ के अंगों की अवैध तस्करी कर उन्हें छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर वन विभाग, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने निगरानी बढ़ाई और इलाके में घेराबंदी कर दी।
मौके पर रंगे हाथ गिरफ्तारी
संयुक्त टीम ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दो आरोपियों को रोका और तलाशी ली। इस दौरान उनके पास से दो बाघों की खाल और 13 मूंछें बरामद हुईं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और एक संगठित अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। विभाग को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
कीमती वन्यजीव अंगों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई
बरामद किए गए वन्यजीव अंगों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच और तेज कर दी गई है।





