बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खरीदारी करने गई एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने मॉल प्रबंधन की कथित प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। छात्रा पर मॉल के कर्मचारियों द्वारा चोरी का झूठा आरोप लगाने और उसे बंधक बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित 'आईसी मार्ट' को सील कर दिया है।
परिजनों का आरोप: बंधक बनाकर लिखाया गया कबूलनामा
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका अपनी बड़ी बहन के साथ 'आईसी मार्ट' में कुछ सामान खरीदने गई थी। परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने दोनों बहनों पर चोरी का लांछन लगाते हुए उन्हें काफी देर तक बंधक बनाए रखा। हद तो तब हो गई जब जबरन उनसे सामान की सूची तैयार करवाई गई और नाबालिग छात्रा पर दबाव डालकर लिखित में यह स्वीकार कराया गया कि उसने चोरी की है।
पुलिसकर्मी पिता से की गई मोटी रकम की मांग
"जब मुझे जानकारी मिली और मैं मार्ट पहुंचा, तो प्रबंधन ने पहले 20 हजार और फिर बाद में 50 हजार रुपये की अवैध मांग की। उन्होंने मेरी बेटी की स्कूटी भी जब्त कर ली थी और साफ कह दिया था कि जब तक पैसे नहीं मिलेंगे, स्कूटी नहीं लौटेगी।"
— मृतका के पिता (पुलिस विभाग में कार्यरत)
परिजनों का कहना है कि इस सरेआम हुए अपमान और मानसिक उत्पीड़न के कारण छात्रा गहरे अवसाद (तनाव) में चली गई थी। इसी मानसिक दबाव के चलते बुधवार (8 जुलाई) की दोपहर उसने अपने घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मार्ट सील, मामले की हर पहलू से जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल 'आईसी मार्ट' को सील कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- क्या छात्रा से सच में दबाव बनाकर जबरन लिखित बयान लिया गया था?
- मॉल प्रबंधन द्वारा अवैध रूप से पैसों की मांग और स्कूटी रोकने के आरोपों में कितनी सत्यता है?
- मॉल के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उस वक्त की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





