बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शासकीय आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। तखतपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सत्यव्रत तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश का निर्धारित समयसीमा में पालन नहीं किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है।


10 दिन में कार्यमुक्त करने के थे निर्देश

जानकारी के अनुसार, तखतपुर जनपद पंचायत में पदस्थ विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रिय का स्थानांतरण मुंगेली जिले की लोरमी जनपद पंचायत में किया गया था।

राज्य सरकार ने 29 सितंबर 2025 को स्थानांतरण आदेश जारी कर संबंधित अधिकारी को 10 दिनों के भीतर कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया गया।

शासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत CEO सत्यव्रत तिवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।


सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, सत्यव्रत तिवारी द्वारा शासकीय आदेश का पालन नहीं करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया है।

इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।


निलंबन अवधि में बिलासपुर होगा मुख्यालय

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान सत्यव्रत तिवारी का मुख्यालय संयुक्त आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग निर्धारित किया गया है।

इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।


सरकारी आदेशों के पालन में लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह

तखतपुर जनपद पंचायत में स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं होने के मामले को शासन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है। निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित कर्मचारी को कार्यमुक्त नहीं किए जाने को कार्रवाई का प्रमुख आधार बनाया गया।

फिलहाल राज्य सरकार ने जनपद पंचायत CEO सत्यव्रत तिवारी को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही और शासकीय निर्देशों के समयबद्ध पालन का मुद्दा चर्चा में है।