बिलासपुर। हाईवे और सार्वजनिक सड़कों पर बाइक स्टंट, तेज रफ्तार रेसिंग और सड़क पर जन्मदिन मनाने जैसी गतिविधियों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए स्पष्ट और ठोस गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करती रही है, लेकिन सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट, लापरवाह ड्राइविंग और जोखिम भरे तरीके से बर्थडे सेलिब्रेशन जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। इस मामले की शुरुआत 29 जनवरी 2025 को सड़क पर जन्मदिन मनाने से जुड़े दो मामलों पर हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने के बाद हुई थी। बाद में इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए लिया गया।
वायरल वीडियो के बाद हुई थी कार्रवाई
पिछली सुनवाई के दौरान बिलासपुर एसएसपी की ओर से पेश शपथपत्र में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। कोरी डैम के पास बाइक से स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। स्टंट में इस्तेमाल बाइक जब्त कर मामले में चार्जशीट भी पेश की गई।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को सड़क पर स्टंट, रेसिंग और सार्वजनिक मार्गों पर बर्थडे सेलिब्रेशन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आने वाले वीडियो की निगरानी के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है।
13 महीने में 26 से अधिक मामले
बिलासपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार बीते 13 महीनों में सड़क पर स्टंट, खतरनाक ड्राइविंग और बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़े 26 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 47 वाहन जब्त किए गए, जबकि 80 से अधिक लोगों को पकड़ा गया। अदालत में यह मुद्दा भी उठा कि कई मामलों में कार्रवाई घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ही हुई।
हाईकोर्ट ने अब राज्य सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी गाइडलाइन तैयार करने को कहा है। आगामी सुनवाई में सरकार को तैयार व्यवस्था और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत के सामने रखनी होगी।





