रायपुर। दिल्ली में काक्रोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार की ओर से किए गए सुरक्षा इंतजामों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए आंदोलनों के दौरान बड़ी संख्या में असामाजिक तत्वों के शामिल होने की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने गन्ना किसानों के आंदोलन, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और कांग्रेस के आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के दावे पर भी प्रतिक्रिया दी।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री साय ने बताई वजह
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले आंदोलनों में हजारों की संख्या में असामाजिक तत्वों के शामिल होने की बात सामने आई थी। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि दोबारा इस तरह की स्थिति बने।
उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों के प्रवेश से वातावरण अशांत होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना है।
गन्ना किसानों को राहत, 355 से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया मूल्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गन्ने की खरीदी कीमत बढ़ाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि कवर्धा गन्ना उत्पादक क्षेत्र है और वहां किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, किसान नेताओं के साथ हुई बैठक में गन्ने की कीमत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सरकार ने गन्ने की खरीदी दर 355 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि कीमत बढ़ाए जाने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है।
चरणदास महंत के 2028 में जीत के दावे पर सीएम का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
महंत ने कहा था कि पिछले चुनाव में कांग्रेस नेताओं के बीच एकजुटता की कमी थी, जिसके कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि अब कांग्रेस एकजुट है और वर्ष 2028 में चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी।
इस पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस नेता केवल सपने देख रहे हैं। उन्होंने महंत के दावे को ख्याली पुलाव बताते हुए कहा कि वे सपने देखते रहें।
कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर होने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था, जब कांग्रेस पूरे देश में एकछत्र शासन करती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में बड़ा अंतर रहा है। लोगों से किए गए वादों और वास्तविक कार्यों में अंतर के कारण पार्टी लगातार अपना जनाधार खो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पार्टी की स्थिति और खराब होगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी CJP के प्रदर्शन पर दी प्रतिक्रिया
दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी बयान दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को कमजोर करने की साजिश रची है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
ओपी चौधरी ने कहा कि इसी तरह की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के मुद्दे को भी उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले ही मतदाता सूची में दर्ज हो गया था। इस मामले में उन्होंने कांग्रेस से जवाब मांगा।
चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता या अवैध प्रवेश नहीं होना चाहिए। हालांकि, सोनिया गांधी से संबंधित आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस पर कांग्रेस का पक्ष सामने आना बाकी है।
दिल्ली प्रदर्शन से लेकर किसानों और चुनाव तक सियासत तेज
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बयानों के बाद दिल्ली में CJP के प्रदर्शन और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
एक ओर मुख्यमंत्री ने दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया, वहीं कांग्रेस के वर्ष 2028 में सत्ता में वापसी के दावे को खारिज किया।
दूसरी ओर, गन्ने की खरीदी दर में बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के फैसले के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है।
फिलहाल, दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।





