छत्तीसगढ़ चिटफंड घोटाला: पूर्व विधायक की चिटफंड कंपनी पर ED का शिकंजा, 5 ठिकानों पर छापे; 1.01 करोड़ नकद जब्त, 182 बैंक खाते फ्रीज
बड़ी खबर
छत्तीसगढ़ चिटफंड घोटाला: पूर्व विधायक की चिटफंड कंपनी पर ED का शिकंजा, 5 ठिकानों पर छापे; 1.01 करोड़ नकद जब्त, 182 बैंक खाते फ्रीज
· admin
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा समेत कई राज्यों में निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी से जुड़े चिटफंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की भुवनेश्वर जोनल टीम ने पूर्व विधायक मल्ला विजय प्रसाद और उनकी कंपनी वेलफेयर बिल्डिंग्स एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड (WBEPL) से जुड़े विशाखापट्टनम और हैदराबाद के पांच ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान ईडी ने 1.01 करोड़ रुपये नकद, संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। इसके साथ ही 182 बैंक खातों को फ्रीज करने और 6 लग्जरी वाहनों को जब्त करने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है।
सरगुजा में भी फैला था कंपनी का नेटवर्क
मामले के तार छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अंबिकापुर के नमनाकला क्षेत्र में कार्यालय खोलकर लोगों से निवेश कराया था। वर्ष 2007 से 2016 के बीच कंपनी से जुड़े एजेंट ग्रामीण इलाकों में सक्रिय रहे।
आरोप है कि निवेशकों को पांच साल में रकम दोगुनी होने और अधिक ब्याज मिलने का भरोसा देकर कंपनी की योजनाओं में पैसा जमा कराया गया। बड़ी संख्या में मजदूरों, किसानों और ग्रामीण परिवारों ने बेहतर रिटर्न की उम्मीद में अपनी बचत निवेश की थी।
सरगुजा में करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, अकेले सरगुजा क्षेत्र में करीब 9 से 17 करोड़ रुपये तक की कथित ठगी का मामला बताया गया है। कई निवेशकों को निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी उनकी जमा राशि वापस नहीं मिलने का आरोप है।
कंपनी का कार्यालय बंद होने के बाद निवेशकों की परेशानी बढ़ गई। कई पीड़ित परिवार लंबे समय से अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
कई राज्यों तक फैला मामला
जांच का दायरा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। WBEPL और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत अलग-अलग स्थानों पर निवेशकों से रकम जुटाने और कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं।
इस पूरे मामले में करीब 1,250 करोड़ रुपये की रकम से जुड़े कथित चिटफंड घोटाले की जांच की जा रही है। पूर्व विधायक मल्ला विजय प्रसाद के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और वर्ष 2021 में ओडिशा की आर्थिक अपराध शाखा ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
ED की कार्रवाई से पीड़ितों में जगी उम्मीद
अब ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के प्रभावित निवेशकों में भी अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। नकदी और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जब्ती के साथ बड़ी संख्या में बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से जांच में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
फिलहाल ईडी मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारियां सामने आ सकती हैं।