अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, प्रोजेक्टर, स्पीकर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
होटल में सेमिनार कर लोगों को बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, दरिमा थाना क्षेत्र के इंदरपुर निवासी विद्याचरण राव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि परिचितों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। 19 जुलाई को अंबिकापुर के एक होटल में आयोजित सेमिनार में दावा किया गया कि 10 हजार रुपये का निवेश एक वर्ष में एक लाख रुपये तक पहुंच सकता है। इस भरोसे में आकर उन्होंने मौके पर ही 10 हजार रुपये जमा कर दिए।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कई उपकरण जब्त
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कांता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे सेमिनार आयोजित कर लोगों से एक क्रिप्टो ऐप डाउनलोड करवाते थे और अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे। पुलिस ने उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, प्रोजेक्टर, स्पीकर, डायरी, नोटबुक, चार्जर और अन्य सामग्री बरामद की है।
अन्य शहरों तक फैला नेटवर्क, जांच जारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ऐसे सेमिनार केवल अंबिकापुर ही नहीं, बल्कि बिलासपुर सहित अन्य शहरों में भी आयोजित किए गए थे। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और यह पता लगा रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।
पुलिस की अपील
सरगुजा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अधिक मुनाफे के लालच में किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या मोबाइल ऐप में पैसा न लगाएं। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता तथा वैधता की पूरी जांच करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।





