जांजगीर-चांपा, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में प्रकाश इंडस्ट्रीज चांपा के साथ 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोप है कि साइबर ठगों ने कंपनी को फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाता बदलने का झांसा दिया और भुगतान की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर करा ली। साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद मामले से जुड़े एक आरोपी को बिहार के सीतामढ़ी क्षेत्र से भारत-नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज मुखिया के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड सहित साइबर अपराध की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। पुलिस अब इस ठगी में शामिल अन्य लोगों और रकम के लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।
फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाता बदलने का दिया झांसा
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने प्रकाश इंडस्ट्रीज चांपा को फर्जी ई-मेल भेजा। ई-मेल के जरिए बैंक खाते से संबंधित जानकारी में बदलाव होने का विश्वास दिलाया गया। कंपनी को कथित तौर पर ऐसा लगा कि भुगतान के लिए दिए गए बैंक खाते में वास्तविक रूप से बदलाव किया गया है।
इसी झांसे में कंपनी की ओर से करीब 28 लाख रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में मामले की जानकारी सामने आने पर साइबर ठगी का पता चला और पुलिस से शिकायत की गई।
तकनीकी जांच से बिहार तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने ई-मेल, बैंक खातों और लेन-देन से संबंधित तकनीकी जानकारियां जुटाईं। बैंक खाते से मिले विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची।
जांच में आरोपी की पहचान पंकज मुखिया के रूप में होने के बाद पुलिस टीम बिहार पहुंची और उसे सीतामढ़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यह इलाका भारत-नेपाल सीमा के नजदीक बताया गया है।
आरोपी के खाते में पहुंची थी ठगी की रकम
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर ठगी की रकम अपने बैंक खाते में मंगवाने और इसके बाद उसे अन्य आरोपियों के साथ बांटने की बात स्वीकार की है। पुलिस इस जानकारी की पुष्टि के लिए बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी ई-मेल भेजने से लेकर बैंक खाते की व्यवस्था करने और रकम को आगे ट्रांसफर करने तक इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
1930 पर समय रहते शिकायत, 28 लाख में से 23 लाख होल्ड
साइबर ठगी का पता चलने के बाद मामले की सूचना समय रहते राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने बैंकिंग चैनल के जरिए रकम को रोकने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के प्रयास से ठगी की कुल 28 लाख रुपये की रकम में से करीब 23 लाख रुपये होल्ड कराने में सफलता मिली। अब इस रकम को पीड़ित पक्ष को वापस दिलाने के लिए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
मोबाइल और आधार कार्ड समेत महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। मोबाइल और इससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के जरिए पुलिस अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल केवल इसी वारदात में हुआ या इससे पहले भी साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया गया था।
फर्जी ई-मेल से बैंक डिटेल बदलने के अनुरोध पर रहें सतर्क
पुलिस ने कारोबारियों और आम लोगों से साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। खासतौर पर किसी कंपनी, सप्लायर या कारोबारी के नाम से ई-मेल के जरिए अचानक बैंक खाता बदलने की सूचना मिलने पर सीधे संबंधित व्यक्ति या संस्था से संपर्क कर इसकी पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
संदिग्ध ई-मेल, लिंक या बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के अनुरोध पर बिना सत्यापन के कार्रवाई नहीं करने की अपील की गई है। साइबर ठगी होने की स्थिति में जल्द से जल्द 1930 पर शिकायत करने से रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ पूरे साइबर नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





