मुंबई। तमिल सुपरस्टार और तमिलनाडु के पूर्व अभिनेता तथा राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' आखिरकार 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। हालांकि, रिलीज से पहले फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की ओर से कई बदलावों का सामना करना पड़ा। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ संवाद, राजनीतिक संदर्भ और करीब 20 सेकंड के दृश्य हटाने के निर्देश दिए। इन संशोधनों के बाद ही फिल्म को 'A' (एडल्ट) सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की अनुमति दी गई।
TVK के सभी रेफरेंस हटाने के निर्देश
सेंसर बोर्ड के निर्देशों के अनुसार फिल्म में जहां-जहां TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) का उल्लेख किया गया था, उन सभी संदर्भों को हटाया गया। कई जगहों पर TVK की जगह सिर्फ 'थलापति' शब्द का इस्तेमाल किया गया। विजय के किरदार के हाथ पर बने TVK टैटू को भी बदलकर केवल 'थलापति' कर दिया गया। इसके अलावा कई संवादों में मौजूद राजनीतिक संकेतों और पार्टी से जुड़े उल्लेखों को भी हटाया गया।
20 सेकंड के दृश्य भी हटाए गए
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के थिएट्रिकल वर्जन से लगभग 20 सेकंड के कुछ दृश्य भी हटाए गए। सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन्स और संवादों को आपत्तिजनक या संवेदनशील मानते हुए उनमें बदलाव करने के निर्देश दिए थे। निर्माता ने सभी सुझावों का पालन करने के बाद संशोधित संस्करण बोर्ड के सामने पेश किया।
सात महीने तक चला इंतजार
बताया जा रहा है कि फिल्म को लेकर लंबे समय से दर्शकों में उत्सुकता थी, लेकिन सेंसर प्रक्रिया और आवश्यक बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। करीब सात महीने तक चली प्रक्रिया के बाद फिल्म को आखिरकार रिलीज की मंजूरी मिल सकी।
'A' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज
सभी संशोधनों के बाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को 'A' सर्टिफिकेट जारी किया। इसके तहत फिल्म केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जा रही है।
विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही 'जन नायकन'
'जन नायकन' को थलापति विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। विजय ने सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला किया है। ऐसे में उनके प्रशंसकों के लिए यह फिल्म बेहद खास मानी जा रही है और रिलीज के साथ ही इसे लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा देखने को मिल रही है।





