बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के नाम पर धमकी भरे पर्चे फेंककर ग्रामीणों में दहशत फैलाने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आवापल्ली थाना क्षेत्र के मुरदंडा गांव में मिले पर्चों के पीछे स्कूल भवन निर्माण की जमीन से जुड़ा विवाद सामने आया है। पुलिस ने मामले में संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने माओवादियों के नाम का इस्तेमाल कर गांव के जनप्रतिनिधियों और एक ग्रामीण को धमकाने की साजिश रची थी।
गांव में मिले थे सात धमकी भरे पर्चे
जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को आवापल्ली थाना क्षेत्र के ग्राम मुरदंडा में सात धमकी भरे पर्चे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। इन पर्चों में गांव के सरपंच नारायण काका, उपसरपंच नारायण कचलम और ग्रामीण जयमूर्ति चापड़ी को निशाना बनाते हुए धमकी दी गई थी।
नक्सलियों के नाम से पर्चे मिलने की सूचना पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
स्कूल भवन की जमीन से अवैध कब्जा हटाने पर हुआ था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि गांव में स्कूल भवन निर्माण के लिए निर्धारित जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था।
पुलिस के मुताबिक, जमीन से कब्जा हटाए जाने से नाराज आरोपियों ने गांव के जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने के लिए माओवादियों के नाम से धमकी भरे पर्चे तैयार किए और उन्हें गांव में फेंक दिया।
माओवादियों के नाम का सहारा लेकर डराने की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि पर्चों का संबंध किसी वास्तविक माओवादी गतिविधि के बजाय स्थानीय जमीन विवाद से है।
आरोपियों ने कथित तौर पर नक्सलियों के नाम का इस्तेमाल कर सरपंच, उपसरपंच और एक ग्रामीण को डराने का प्रयास किया। पुलिस ने पर्चों से जुड़े तथ्यों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के बाद दोनों आरोपियों की पहचान की।
दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में संदीप मड़कम और नागेश बोड़के को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान जमीन विवाद और धमकी भरे पर्चों से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गांव में भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से माओवादियों के नाम का सहारा लिया था।
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी
आवापल्ली पुलिस ने जांच के आधार पर मामले में दोनों आरोपियों की संलिप्तता सामने आने का दावा किया है। उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मुरदंडा गांव में मिले धमकी भरे पर्चों का मामला स्कूल भवन निर्माण के लिए निर्धारित जमीन से अवैध कब्जा हटाए जाने के विवाद से जुड़ा है।





