बिलासपुर। पाटन विधानसभा चुनाव 2023 से जुड़ी चुनाव याचिका के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तत्काल राहत नहीं मिली है। उनकी ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई थी, लेकिन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को यह आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका की पोषणीयता, समयसीमा और अन्य आपत्तियों से जुड़े सवालों पर उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान विचार किया जाएगा।
विजय बघेल ने दी है चुनावी चुनौती
भाजपा सांसद विजय बघेल ने पाटन विधानसभा चुनाव 2023 में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में चुनाव प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की सत्यता पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और मामले का निपटारा साक्ष्यों तथा ट्रायल के आधार पर होगा।
हाईकोर्ट ने आवेदन किया खारिज
भूपेश बघेल की ओर से Order VII Rule 11 CPC और Representation of the People Act, 1951 की धारा 86(1) के तहत याचिका खारिज करने का आवेदन दिया गया था। इसमें चुनाव याचिका की समयसीमा और वैधानिक आवश्यकताओं के पालन पर सवाल उठाए गए थे।
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल बाद में हुई रजिस्ट्रेशन तारीख या हलफनामे की तारीख के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि याचिका समयसीमा से बाहर थी। अदालत के अनुसार, मूल रूप से याचिका कब और किस प्रकार प्रस्तुत की गई तथा शुरुआती कमियां प्रक्रियात्मक थीं या मूलभूत, इन बिंदुओं की जांच रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट भी जा चुका है मामला
इस विवाद में पहले भी हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के 17 सितंबर के आदेश में दर्ज है कि भूपेश बघेल की ओर से दायर SLP (C) No. 24440/2026 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए संबंधित पक्षों को उचित चरण पर चुनाव ट्रिब्यूनल के समक्ष अपनी दलीलें रखने की स्वतंत्रता दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर समयसीमा से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला नहीं किया था।
पहले भी ट्रायल जारी रखने का आदेश
15 जून 2026 को भी हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका की पोषणीयता पर उठाई गई प्रारंभिक आपत्ति को खारिज करते हुए कहा था कि मामला ट्रायल में आगे बढ़ेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि दस्तावेजों की स्वीकार्यता, प्रमाणिकता और अन्य कानूनी आपत्तियां ट्रायल के उचित चरण में उठाई जा सकती हैं।
5 अक्टूबर को दर्ज होंगे साक्ष्य
अब हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका को 5 अक्टूबर 2026 के लिए सूचीबद्ध किया है। उस दिन चुनाव याचिकाकर्ता और उनके गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए जाने हैं। अदालत ने साफ किया है कि 17 सितंबर के आदेश में की गई टिप्पणियां केवल अंतरिम आवेदन तक सीमित हैं और अंतिम फैसला स्वतंत्र रूप से उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर किया जाएगा।





