रायपुर/गुवाहाटी। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव के बाद पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने पुलिस-प्रशासन और चुनावी व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। यह घटना समागुरी के बोरमा इलाके में कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा के समर्थन में आयोजित चुनावी कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके नेताओं के वाहनों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं।


ASP के संपर्क में रहने का दावा

भूपेश बघेल के मुताबिक, चुनावी दौरे के दौरान कांग्रेस नेता लगातार स्थानीय एडिशनल एसपी के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से स्थिति सामान्य होने और आगे बढ़ने का भरोसा मिलने के बाद ही काफिला कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुआ।

बघेल का आरोप है कि इसके बावजूद कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद कांग्रेस काफिले की दो गाड़ियों पर पथराव हुआ। घटना में वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि AICC सचिव मनोज चौहान को चोट लगी थी।


वापसी के दौरान फिर हमले का आरोप

बघेल ने दावा किया कि चुनावी कार्यक्रम से लौटते समय भी काफिले को दोबारा निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, वापसी के दौरान उनकी गाड़ी और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के वाहन पर भी कथित हमला हुआ।

उन्होंने कहा कि घटना के बारे में पुलिस अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी गई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और जिला प्रशासन को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।


पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप

बघेल ने आरोप लगाया कि दो बार कथित हमले के बावजूद कांग्रेस नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासन को पहले से संभावित तनाव की जानकारी थी, तब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत क्यों नहीं किया गया।

कांग्रेस ने पूरे मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं की भूमिका होने का आरोप लगाया है। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस आरोप को खारिज करते हुए घटना को कांग्रेस के अंदरूनी गुटों के बीच टकराव से जोड़कर देखा है। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।


चुनाव आयोग और प्रशासन पर भी निशाना

भूपेश बघेल ने असम की चुनावी व्यवस्था, पुलिस और जिला प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रशासनिक तंत्र सत्तारूढ़ भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और ऐसी परिस्थितियों में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद करना कठिन है।

कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी चुनाव आयोग से मामले में हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, असम सरकार ने कांग्रेस के आरोपों से असहमति जताई है।

नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।