भिलाई, 17 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित स्मृति नगर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार किया है। मामले की शिकायत बच्ची की मां द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
मार्च में हुई थी पहली घटना, परिवार तक सीमित रही जानकारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्ची के साथ कथित तौर पर पहली घटना मार्च 2026 में हुई थी। आरोप है कि उस समय परिवार के कुछ सदस्यों को इस घटना की जानकारी हो गई थी, लेकिन किसी ने भी इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। इसी वजह से मामला कई महीनों तक सामने नहीं आ सका।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में घटना को इतने लंबे समय तक छिपाकर रखा गया और क्या किसी ने जानबूझकर शिकायत दर्ज होने से रोका।
जुलाई में दोबारा घटना के बाद मां ने उठाया बड़ा कदम
जानकारी के अनुसार, जुलाई में जब कथित तौर पर घटना दोबारा सामने आई, तब बच्ची की मां ने हिम्मत दिखाते हुए स्वयं स्मृति नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए मामला दर्ज किया और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं तथा मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
ASI भाई पर भी उठे सवाल, जांच के दायरे में भूमिका
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आरोपी का सगा भाई पुलिस विभाग में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर पदस्थ है। आरोप है कि उसे पहले ही इस मामले की जानकारी थी, लेकिन उसने पुलिस को सूचना देने या शिकायत दर्ज कराने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया।
हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या ASI ने अपने पद का दुरुपयोग किया, शिकायत दर्ज होने से रोकने का प्रयास किया या मामले को छिपाने में किसी प्रकार की भूमिका निभाई।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस विभाग ने नहीं दी आधिकारिक प्रतिक्रिया
फिलहाल ASI की भूमिका को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
हर पहलू से जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता, लापरवाही, साक्ष्य छिपाने या अपराध की जानकारी होने के बावजूद उसे छिपाने जैसी बात सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीड़ित बच्ची की पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी कानूनी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत पूरी की जा रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





