भिलाई। दुर्ग जिले के तीन प्रमुख नगर निगमों—भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा—में इस वर्ष दिसंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था लागू किए जाने के बाद चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। इसके चलते महापौर पद के संभावित दावेदारों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और संगठन स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है।

वर्तमान में जिले के तीनों नगर निगमों पर कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में कांग्रेस अपनी सत्ता बरकरार रखने की रणनीति बनाने में जुटी है, जबकि भाजपा निकायों में वापसी के लिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में लगी हुई है। दोनों प्रमुख दल संभावित उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति तैयार करने में व्यस्त हैं।

महापौर पद के लिए प्रत्यक्ष मतदान होने से इस बार मुकाबला पहले की तुलना में अधिक दिलचस्प माना जा रहा है। संभावित दावेदार जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने, स्थानीय मुद्दों को उठाने और संगठन में अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महापौर पद के आरक्षण और प्रत्याशियों की घोषणा के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल दोनों दल संगठनात्मक बैठकों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और बूथ प्रबंधन के जरिए चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटे हुए हैं।