रायपुर। छत्तीसगढ़ में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 13 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति और पदस्थापना निरस्त कर दी गई है। इन अभ्यर्थियों को प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है।


समय पर कार्यभार नहीं संभालना पड़ा भारी

चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित मेडिकल कॉलेजों में जाकर अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करना था।

हालांकि, तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद 13 अभ्यर्थियों ने अपने पद पर ज्वाइन नहीं किया। इसके बाद विभाग ने उनकी नियुक्ति और पदस्थापना निरस्त करने का निर्णय लिया।


सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मिली थी पदस्थापना

इन सभी अभ्यर्थियों का चयन लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से हुआ था। चयन के बाद उन्हें प्रदेश के विभिन्न शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति दी गई थी।

नियुक्ति आदेश में निर्धारित शर्तों के तहत समय पर कार्यभार ग्रहण करना जरूरी था। निर्धारित अवधि में ज्वाइन नहीं करने के चलते विभाग ने नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई की है।


चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग, मंत्रालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश में समय सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने को नियुक्ति निरस्तीकरण का आधार बताया गया है।

विभाग की कार्रवाई के बाद इन 13 पदों पर नियुक्ति की स्थिति बदल गई है। आगे इन पदों को लेकर विभाग की ओर से क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, यह संबंधित प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगा।


समय पर ज्वाइनिंग को लेकर विभाग का स्पष्ट रुख

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि नियुक्ति के बाद निर्धारित समय सीमा में कार्यभार ग्रहण करना जरूरी है। समयसीमा का पालन नहीं करने पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी निरस्त की जा सकती है।

फिलहाल चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के बाद 13 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति एवं पदस्थापना रद्द कर दी गई है।