नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का माहौल बदलता नजर आया। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की। लाउडस्पीकर के माध्यम से की गई घोषणा के बाद प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे स्थल से हटने लगे और पूरे इलाके में स्थिति सामान्य होने लगी।


सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सामान्य करने पर जोर

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षित वापसी और शहर में यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। विभिन्न मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसी बीच, दिल्ली मेट्रो ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक कदम उठाए। आंदोलन के कारण प्रभावित सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य किया गया और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से शुरू कराई गई।


प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के सभी प्रवेश द्वार खुले

स्थिति नियंत्रण में आने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय सहित प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के सभी प्रवेश द्वार आम यात्रियों के लिए खोल दिए। सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए इन स्टेशनों पर दोपहर बाद सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया, जिसके बाद यात्रियों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई।


सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बैठक जारी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे चरण की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से शामिल हुए। दोनों पक्षों के बीच छात्रों की शेष मांगों और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी है।


जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। युवाओं ने नारेबाजी, गीत-संगीत और एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी जाहिर की।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इसे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक तरीके से किए गए शांतिपूर्ण आंदोलन और जनता की एकजुटता का परिणाम है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अब भी छात्रों की बाकी मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार से बातचीत जारी रखेगा।