रांची। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में JPSC, CGL और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है।
झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अपने पद से इस्तीफा देकर एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेनी चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप
बीजेपी का आरोप है कि राज्य में आयोजित कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने जिन परीक्षाओं का उल्लेख किया है, उनमें शामिल हैं—
- CGL (सचिवालय सहायक) परीक्षा
- उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा
- JPSC भर्ती परीक्षा
बीजेपी का कहना है कि इन परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
'शिक्षा और कार्मिक विभाग मुख्यमंत्री के पास'
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य में शिक्षा विभाग और कार्मिक विभाग दोनों की जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है। ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं में यदि अनियमितताएं हुई हैं, तो उनकी नैतिक जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री की बनती है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें और युवाओं के हित में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।
हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




