बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम में शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए संपदा शाखा में पदस्थ कर्मचारी लक्ष्मीकांत कोका को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि कर्मचारी ने मकान के नवीनीकरण से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
मकान के नवीनीकरण के काम के बदले रिश्वत की मांग
जानकारी के अनुसार, राजकिशोर नगर निवासी एक व्यक्ति अपने मकान के नवीनीकरण से संबंधित कार्य के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचा था। उसका काम निगम की संपदा शाखा से जुड़ा हुआ था।
शिकायत के मुताबिक, इसी काम को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया पूरी करने के एवज में संपदा शाखा में पदस्थ कर्मचारी लक्ष्मीकांत कोका ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत के बाद ACB ने बनाया ट्रैप
रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी ACB को दी। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले आरोपों का सत्यापन किया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद कर्मचारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की गई।
निर्धारित योजना के तहत शुक्रवार को शिकायतकर्ता नगर निगम कार्यालय पहुंचा। इसी दौरान ACB की टीम आसपास मौजूद रही और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जैसे ही कर्मचारी ने कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।
सामान्य सभा की बैठक के बीच हुई कार्रवाई
ACB की कार्रवाई के समय नगर निगम कार्यालय में सामान्य सभा की बैठक भी चल रही थी। कर्मचारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आते ही निगम परिसर में हलचल बढ़ गई। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच काफी देर तक कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही।
दस्तावेजों और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच
कार्रवाई के बाद ACB की टीम ने रिश्वत प्रकरण से संबंधित जरूरी दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। आरोपी कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही मकान नवीनीकरण से जुड़े काम और रिश्वत की कथित मांग के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
ACB अधिकारियों द्वारा मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





