बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 31 लाख 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे सीबीके ईवी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीईओ नंदकिशोर साहू (35) को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कारोबारी को 100 प्रतिशत कैशबैक का लालच देकर रकम जमा कराने का आरोप है। मामले में कंपनी के एमडी और सीएमडी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।


डीलरशिप और 100 प्रतिशत कैशबैक का दिया झांसा

जानकारी के अनुसार, गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम भानपुरी निवासी 27 वर्षीय मनीष कुमार साहू ने पांच मई 2026 को सनौद थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी के सीईओ नंदकिशोर साहू, एमडी लोकेश द्विवेदी और सीएमडी पुरुषोत्तम साहू ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप देने का प्रस्ताव रखा था। इसके बदले निवेश की पूरी रकम कैशबैक के रूप में लौटाने का भरोसा दिलाया गया था।


किस्तों में जमा कराए 31.80 लाख रुपये

कारोबारी ने कंपनी के प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए 30 मई 2024 से अलग-अलग किस्तों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये कंपनी के बैंक खातों में जमा कराए।

इसके बाद कंपनी ने उन्हें डीलरशिप का प्रमाणपत्र दिया। कारोबारी ने ग्राम सनौद में किराए पर दुकान लेकर कारोबार शुरू करने की तैयारी भी कर ली।


11 इलेक्ट्रिक वाहन दिए, फिर वापस ले गई कंपनी

शुरुआत में कंपनी ने कारोबारी को 11 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए। हालांकि, वाहनों की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण कंपनी ने सभी वाहन वापस ले लिए और नए वाहन देने का आश्वासन दिया।

आरोप है कि लंबे समय तक नए वाहन उपलब्ध नहीं कराए गए। परेशान होकर कारोबारी ने अपनी जमा रकम वापस मांगी।


1.45 लाख लौटाए, बाकी रकम के चेक बाउंस

शिकायत के अनुसार, कंपनी ने छह सितंबर 2024 को कारोबारी को केवल 1 लाख 45 हजार रुपये वापस किए।

शेष राशि लौटाने के लिए तीन चेक दिए गए, लेकिन बैंक में जमा करने पर स्टॉप पेमेंट के कारण चेक अनादरित हो गए। इसके बाद पीड़ित कारोबारी ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।


एमडी और सीएमडी पहले ही गिरफ्तार

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 19 सितंबर 2026 को कंपनी के एमडी लोकेश द्विवेदी निवासी कटघोरा, जिला कोरबा और सीएमडी पुरुषोत्तम साहू निवासी सारंगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

वहीं, कंपनी का सीईओ नंदकिशोर साहू लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था।


ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार हुआ फरार सीईओ

पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देशन में साइबर सेल और सनौद पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाया।

इसके बाद टीम ने ग्रेटर नोएडा में दबिश देकर नंदकिशोर साहू को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम रोहांसी का रहने वाला है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।


इलेक्ट्रिक स्कूटी समेत कार्यालय का सामान बरामद

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर तीन इलेक्ट्रिक स्कूटी, सीसीटीवी कैमरे, एसी, टीवी, टेबल, कुर्सियां और अलमारी सहित कार्यालय में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।

सनौद पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 में प्रकरण दर्ज किया है।

आरोपी नंदकिशोर साहू को 10 अक्टूबर को बालोद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।