रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के चार प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक 100 बसें राजधानी रायपुर को मिलेंगी। योजना के पहले चरण में बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर तक 20-20 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।


रायपुर को 100 और दुर्ग-भिलाई को मिलेंगी 50 बसें

योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। शहरों के अनुसार बसों का आवंटन तय किया गया है।

इन बसों के संचालन से शहरी क्षेत्रों में यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।


1 नवंबर तक बिलासपुर और भिलाई में शुरू होंगी 20-20 बसें

योजना के शुरुआती चरण में बिलासपुर और भिलाई में 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन 1 नवंबर तक शुरू करने की तैयारी है। शेष बसों को अलग-अलग चरणों में सड़कों पर उतारा जाएगा।

इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।


मोबाइल से टिकट बुकिंग और किराया भुगतान की सुविधा

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्री मोबाइल के माध्यम से टिकट प्राप्त करने के साथ ही डिजिटल तरीके से किराए का भुगतान कर सकेंगे।

इसके अलावा मोबाइल ऐप के जरिए बसों के निर्धारित रूट की जानकारी भी मिल सकेगी। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।


यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर बस में छह कैमरे

इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी सहायता से बस के भीतर गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी।

डिजिटल टिकटिंग और निगरानी व्यवस्था से बस संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है।


चार नगर निगमों और निजी कंपनी के बीच होगा समझौता

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के क्रियान्वयन के लिए संबंधित चार नगर निगमों और चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा।

समझौते के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी प्रस्तावित है। समझौता पूरा होने के बाद बसों के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।


प्रदूषण कम करने में भी मिलेगी मदद

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरों में पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। इससे वायु प्रदूषण घटाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

राज्य के चार प्रमुख शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का विस्तार होगा। फिलहाल प्रशासन योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारियों में जुटा है।