सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस की नई पहल, युवाओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, भीड़भाड़ वाले चौक-चौराहों और बाजारों में करेंगे सहयोग

गरियाबंद, 22 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अब जिले के जागरूक युवा भी यातायात प्रबंधन में पुलिस का सहयोग करेंगे। इसके लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों से स्वेच्छा से आगे आए युवाओं को ट्रैफिक वालंटियर और ट्रैफिक वार्डन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान युवाओं को यातायात नियमों का प्रशिक्षण देने के साथ सुरक्षा उपकरण भी वितरित किए गए।


पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, यातायात एवं साइबर डीएसपी लितेश सिंह और यातायात प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सड़क सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार करना था।


चौक-चौराहों और बाजारों में पुलिस की मदद करेंगे युवा

प्रशिक्षण के दौरान डीएसपी लितेश सिंह और सहायक उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम ने युवाओं को यातायात के बुनियादी नियमों, सड़क संकेतों और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी।

ट्रैफिक वार्डन अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भीड़भाड़ वाले चौराहों, प्रमुख सड़कों और बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में सहयोग करेंगे। इसके लिए वे संबंधित थाना प्रभारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे।


ट्रैफिक वार्डनों को मिली टी-शर्ट, कैप और रेडियम जैकेट

गरियाबंद पुलिस ने प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को औपचारिक रूप से ट्रैफिक वालंटियर एवं ट्रैफिक वार्डन के रूप में अधिकृत किया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने युवाओं को टी-शर्ट, कैप, सीटी और रेडियम जैकेट वितरित की। इन उपकरणों का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान स्वयंसेवकों की पहचान सुनिश्चित करना और उनकी सुरक्षा बढ़ाना है।


सड़क हादसा होने पर डायल 112 को देंगे सूचना

प्रशिक्षण में युवाओं को सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी निर्देश दिए गए।

उन्हें बताया गया कि किसी भी हादसे की जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने और डायल 112 को सूचना दें, ताकि घायलों को समय पर सहायता मिल सके।

इसके अलावा स्वयंसेवकों को दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।


राह-वीर और पीएम राहत योजना की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को केंद्र और राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा तथा दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया।

विशेष रूप से राह-वीर योजना और पीएम राहत योजना के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने युवाओं से इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने की अपील की, ताकि सड़क दुर्घटना के समय अधिक से अधिक लोग घायलों की मदद के लिए आगे आएं।


जनभागीदारी से यातायात व्यवस्था सुधारने की पहल

गरियाबंद पुलिस ने यातायात व्यवस्था में सहयोग के लिए आगे आए युवाओं की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ट्रैफिक वार्डन की भागीदारी से जिले के व्यस्त मार्गों और बाजारों में यातायात संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इस पहल का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।