रायपुर। भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और तकनीकी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण संवाद हुआ। जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ पहुंचे 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल कूटनीतिक या आर्थिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से भी गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ यह संबंध शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ा है।


युवाओं के बीच संवाद से मजबूत होगी भारत-जापान मित्रता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दोनों देशों के विद्यार्थियों और युवाओं के बीच इस तरह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम भविष्य के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था, तकनीकी विकास और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर देते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जापान की नई पीढ़ी के बीच बढ़ता संवाद आने वाले वर्षों में दोनों देशों की मित्रता को और मजबूत करेगा।

जापानी विद्यार्थियों को बताई छत्तीसगढ़ की बौद्ध और ऐतिहासिक विरासत

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां मिले पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास के साथ विभिन्न संस्कृतियों के आपसी समन्वय को भी दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों के साथ अपनी जापान यात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की।

उन्होंने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन इसके बावजूद अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती से बनाए रखा है। भारत भी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


शिक्षा, रिसर्च और टेक्नोलॉजी में सहयोग की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और तकनीक विकास के प्रमुख आधार हैं। भारत और जापान के शिक्षण संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीक और शोध के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान कर सकता है।

उन्होंने कहा कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नए अवसर विकसित हो सकते हैं।


भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए विद्यार्थी

जापानी विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा किए। उन्होंने रायपुर में मिले आत्मीय व्यवहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परंपराओं की सराहना की।

विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान और गणेश उत्सव की परंपराओं को करीब से देखने का अनुभव भी साझा किया। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की।

प्रतिनिधिमंडल के विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को केवल किताबों और कक्षाओं से नहीं, बल्कि यहां के समाज, संस्कृति, जीवनशैली और परंपराओं के माध्यम से समझने का अवसर दिया।


NIT रायपुर के रिसर्च और स्टार्टअप मॉडल ने खींचा ध्यान

छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने NIT रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने यहां चल रही स्टार्टअप गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली।

विशेष रूप से आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का तकनीकी समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों को प्रभावित किया। प्रतिनिधिमंडल ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में भविष्य में सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई।


सिरपुर का भी भ्रमण करेगा प्रतिनिधिमंडल

भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय दल तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ आया है। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने NIT रायपुर का दौरा किया और विभिन्न शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।

प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में सिरपुर का भ्रमण भी शामिल है। यहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से समझेंगे।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम भारत और जापान के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से जोड़ेंगे और आने वाले समय में मित्रता, ज्ञान, तकनीक और साझा प्रगति के नए रास्ते खोलेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, NIT रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, IIT हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक अमय त्रिपाठी, CHiPS के ज्वाइंट CEO अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।