दुर्ग। जिले के धमधा क्षेत्र में महिलाओं को दिए गए ऋण से जुड़ा करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने 267 महिला ग्राहकों से वसूली गई ऋण किस्त और लोन क्लोजर की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं कर करीब 1.11 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से संबद्ध सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की धमधा शाखा के ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि 267 महिला ग्राहकों से ली गई ऋण किस्त और लोन क्लोजर की कुल 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की गई।
ऑडिट रिपोर्ट के बाद कंपनी ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने और स्पष्टीकरण देने को कहा था। आरोप है कि न तो रकम वापस की गई और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। इसके बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर धमधा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ के बाद पुलिस ने अनिल विश्वकर्मा (23), निवासी साजा, जिला बेमेतरा तथा संदीप कुमार खूंटीहरे (31), निवासी पाटन, जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला ग्राहकों से नियमित रूप से ऋण की किस्त और लोन बंद कराने की राशि वसूलते थे, लेकिन उसे कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय कथित रूप से अपने पास ही रख लेते थे। इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ और ग्राहकों का भरोसा भी प्रभावित हुआ।
पुलिस का कहना है कि पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।





