रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव का ऑनलाइन मतदान समाप्त होते ही विवाद गहरा गया है। प्रदेश अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के चुनाव में फर्जी वोटिंग, फर्जी ID और ‘With IYC’ ऐप में तकनीकी गड़बड़ी या हस्तक्षेप के आरोप लगाए जा रहे हैं। कई प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया की तकनीकी जांच की मांग की है।

युवा कांग्रेस का ऑनलाइन मतदान 30 अगस्त से 29 सितंबर 2026 तक चला। चुनाव में करीब 14 लाख 56 हजार वोट पड़ने की जानकारी सामने आई है। मतदान के लिए ‘With IYC’ ऐप का इस्तेमाल किया गया था। अब कुछ प्रत्याशियों का आरोप है कि मतदान की समयसीमा समाप्त होने के बाद भी वोटों की संख्या में बदलाव देखने को मिला।


मतदान के बाद वोट बढ़ने का दावा

प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विनय शील ने सोशल मीडिया पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऐप में ऐसे वोट दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने स्वयं दर्ज नहीं कराया था। उन्होंने पूरी ऑनलाइन मतदान प्रणाली और ऐप की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

कुछ प्रत्याशियों ने दावा किया कि बहुत कम समय में बड़ी संख्या में वोट बढ़ गए। एक प्रत्याशी ने करीब 15 मिनट में 200 वोट बढ़ने का दावा किया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।


वर्चुअल नंबर और फर्जी ID से वोटिंग का आरोप

चुनाव में वर्चुअल मोबाइल नंबर और OTP सेवाओं के माध्यम से कई फर्जी ID तैयार किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। कुछ युवा कांग्रेस नेताओं का दावा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कम कीमत में वर्चुअल नंबर लेकर OTP प्राप्त किए गए और उनका इस्तेमाल सदस्यता तथा मतदान के लिए किया गया।

इसके अलावा AI तकनीक के इस्तेमाल से फर्जी पहचान तैयार किए जाने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक जांच के नतीजे अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।


बिलासपुर का कथित ऑडियो भी वायरल

बिलासपुर से एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें चुनाव के दौरान फर्जी मतदान कराने से संबंधित बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद संगठन के अंदर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


भाजपा ने भी उठाए सवाल

युवा कांग्रेस के आंतरिक चुनाव को लेकर सामने आए आरोपों के बाद भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने आरोपों का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।

हालांकि फर्जी वोटिंग और तकनीकी गड़बड़ी के आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और स्क्रूटनी के बाद ही स्पष्ट होगी।


स्क्रूटनी के बाद घोषित होगा परिणाम

ऑनलाइन मतदान पूरा होने के बाद अब वोटों और सदस्यता ID की स्क्रूटनी की जाएगी। तकनीकी जांच में यह देखा जाएगा कि कितनी ID वैध हैं और कितने वोट नियमों के अनुरूप डाले गए हैं।

स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य पदों के अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।