प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना, 21 से 25 अक्टूबर तक मौसम रहेगा शुष्क, रात के तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंडक

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। विशेष रूप से बस्तर और सुकमा जिले में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का अहसास बढ़ने के संकेत हैं।

बस्तर और सुकमा में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। वहीं, 21 से 25 अक्टूबर के बीच प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। इस अवधि के लिए बारिश संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

दो दिन बाद गिर सकता है रात का तापमान

प्रदेश में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद रात के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में कमी आने से सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस हो सकती है। हालांकि, दिन के तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

रायपुर में गर्मी का असर बरकरार

राजधानी रायपुर में अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में भी गर्मी का असर बना हुआ है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक रहा। लालपुर मौसम केंद्र के अनुसार, अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.5 डिग्री अधिक रहा।

वहीं, रायपुर का न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा है। ऐसे में राजधानीवासियों को फिलहाल दिन के साथ रात में भी गर्मी महसूस हो रही है।

अंबिकापुर में सबसे कम तापमान दर्ज

प्रदेश में अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पेंड्रारोड में 18.6 डिग्री और दुर्ग में 21.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट से कई जिलों में ठंडक बढ़ सकती है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तमिलनाडु तट के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इससे संबंधित द्रोणिका उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

इस मौसमी गतिविधि के बावजूद छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर बारिश के आसार नहीं हैं। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने का अनुमान है। गरज-चमक की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी जाती है।