रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर आज राजधानी रायपुर के तुता धरना स्थल पर प्रदेशभर से हजारों शिक्षक जुटेंगे। अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर शिक्षक सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे। फेडरेशन का दावा है कि आंदोलन में सभी जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल होंगे। आंदोलन की रणनीति हाल ही में आयोजित मैराथन बैठक में तय की गई थी।

फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार को चुनावी वादों और शिक्षकों से किए गए संकल्पों की याद दिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिक्षकों के लंबे समय से लंबित अधिकारों और न्यायोचित मांगों को पूरा कराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि "अब आर-पार की लड़ाई होगी।"

'मोदी की गारंटी' और चुनावी वादों का दिलाएंगे स्मरण

रविंद्र राठौर ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले जारी 'मोदी की गारंटी' और संकल्प पत्र में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने तथा क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया गया था। सरकार बनने के बाद भी अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक लगातार समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।

TET को लेकर भी उठे सवाल

फेडरेशन ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2017 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन के बाद टीईटी को अनिवार्य योग्यता बनाया गया, लेकिन उस समय कार्यरत शिक्षकों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।

राठौर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 30 अगस्त 2028 तक आवश्यक योग्यता प्राप्त करने का अवसर दिया है। इसके बावजूद वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित करने की तैयारी की जा रही है, जो उचित नहीं है। फेडरेशन ने मांग की है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET परीक्षा आयोजित की जाए।

संविलियन शिक्षकों की पूर्व सेवा जोड़ने की मांग

संगठन ने मांग की है कि आठ वर्ष की सेवा पूर्ण होने के बाद संविलियन प्राप्त शिक्षकों की पूर्व सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए और उन्हें शिक्षा विभाग के सभी सेवा संबंधी लाभ प्रदान किए जाएं।

VSK ऐप की तकनीकी खामियों पर नाराजगी

फेडरेशन ने VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप की तकनीकी समस्याओं पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि कई शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचने के बावजूद नेटवर्क और तकनीकी बाधाओं के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में वेतन कटौती की चेतावनी देना उचित नहीं है। पहले ऐप की खामियों को दूर किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए।

एकल शिक्षक विद्यालयों में नियमित पदस्थापना की मांग

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुर्रे ने कहा कि राज्य के हजारों विद्यालय आज भी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने ऐसे विद्यालयों में शीघ्र नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।

युक्तियुक्तकरण के बाद वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की मांग

फेडरेशन ने युक्तियुक्तकरण के तहत विलय किए गए विद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के दोनों प्रधान पाठकों को विद्यालय प्रबंधन समिति में सचिव एवं कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए तथा बैंक खातों के स्पेसिमेन हस्ताक्षरों में आवश्यक संशोधन किया जाए।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और उग्र

फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षकों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके लिए आज रायपुर के तुता मैदान में प्रदेशभर से हजारों शिक्षक एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी आवाज बुलंद करेंगे।