रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जुलाई माह से शिक्षकों का वेतन ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा। यदि किसी शिक्षक की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं होगी, तो संबंधित दिन का वेतन भी नहीं मिलेगा।

इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि केवल स्कूल में उपस्थित होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली में उपस्थिति दर्ज कराना भी अनिवार्य होगा।


ऑनलाइन उपस्थिति होगी वेतन का आधार

डीपीआई द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब शिक्षकों के वेतन का निर्धारण ऑनलाइन उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। जिस दिन शिक्षक की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज होगी, उसी दिन का वेतन स्वीकृत किया जाएगा। यदि किसी दिन उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज नहीं होती है, तो उस दिन का वेतन रोका जा सकता है।


पहले भी दी जा चुकी थी चेतावनी

इससे पहले शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों को चेतावनी दी थी। विभाग ने स्पष्ट किया था कि लगातार लापरवाही बरतने पर वेतन रोका जा सकता है और गंभीर मामलों में 'ब्रेक इन सर्विस' जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। अब नए आदेश के साथ इस व्यवस्था को और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।


कई शिक्षक स्कूल पहुंचे, लेकिन नहीं बनाई ऑनलाइन अटेंडेंस

विभागीय जानकारी के अनुसार, कई जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां शिक्षक नियमित रूप से स्कूल तो पहुंचे, लेकिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की। कुछ शिक्षकों ने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया, जबकि कुछ ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसी लापरवाही का सीधा असर वेतन पर पड़ेगा।


शिक्षकों में बढ़ी चिंता

नए आदेश के बाद शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल है। कई शिक्षकों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और तकनीकी समस्याओं के कारण समय पर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करना हमेशा संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वे विभाग से तकनीकी समस्याओं के समाधान और व्यावहारिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।


विभाग का उद्देश्य पारदर्शिता

शिक्षा विभाग का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। विभाग ने सभी शिक्षकों से निर्देशों का पालन करने और प्रतिदिन समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की अपील की है।