रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और DAP सहित सभी आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई व्यापारी निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलता है या उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम संकट पैदा करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
किसानों को समय पर मिले उर्वरक
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक सहकारी समिति और बिक्री केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में DAP, यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध रहें, ताकि किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
जिलों में अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर आकस्मिक निरीक्षण कर स्टॉक की जांच करने और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
किसानों से भी की अपील
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत केंद्रों से ही उर्वरक खरीदें और निर्धारित दर पर ही भुगतान करें। यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जा रही हो या खाद की कालाबाजारी की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
सरकार का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकें।





