अंबिकापुर। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं से नाराज छात्रों का गुस्सा बुधवार को खुलकर सामने आया। विद्यालय में पढ़ाई, भोजन और अन्य मूलभूत सुविधाओं में कथित अनियमितताओं से परेशान सैकड़ों छात्र करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। छात्रों ने स्कूल प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों पर उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई

छात्रों का कहना है कि विद्यालय में कोचिंग और नियमित पढ़ाई के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। कई विषयों की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग पा रही हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। छात्रों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद शिक्षकों की कमी दूर नहीं की गई।

भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

विद्यालय की भोजन व्यवस्था को लेकर भी छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब कोई वरिष्ठ अधिकारी या विभागीय टीम निरीक्षण के लिए आती है, तब छात्रों को बेहतर और स्वादिष्ट भोजन परोसा जाता है। लेकिन सामान्य दिनों में भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब रहती है। छात्रों के अनुसार उन्हें अक्सर निम्न गुणवत्ता वाला चावल और खराब भोजन दिया जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।

अधिकारियों पर औपचारिकता निभाने का आरोप

छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने के बजाय अधिकारी केवल औपचारिक निरीक्षण कर वापस लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे उन्हें मजबूर होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचना पड़ा।

अन्य सुविधाओं में भी अनियमितता

छात्रों ने विद्यालय में बाल कटिंग, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि छात्रों के लिए निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जातीं और व्यवस्थाओं में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।

प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे छात्रों ने प्रशासन से विद्यालय की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने शिक्षकों की कमी दूर करने, भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने और छात्रावास की सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी।

जांच और सुधार की उम्मीद

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी शिकायतें सुनीं और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। उनका कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो।