नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार भी जाएगी। इसके बाद लोकतंत्र की मरम्मत का काम शुरू होगा। उनके इस बयान के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
शनिवार, 10 अक्टूबर को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे। यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।'
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। कांग्रेस लंबे समय से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाती रही है।
CJP के प्रदर्शन से कांग्रेस ने बनाई दूरी
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों के अलग-अलग रुख सामने आए हैं। आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों ने प्रदर्शन का समर्थन किया है।
वहीं, कांग्रेस ने इस आंदोलन में सीधे तौर पर शामिल नहीं होने का फैसला किया है। हालांकि, राहुल गांधी के बयान से साफ है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
राहुल गांधी भी इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करते रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही हैं।
भाजपा ने विपक्ष पर किया पलटवार
राहुल गांधी के बयान और CJP के प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने भी विपक्ष पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
भाजपा का कहना है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर देश की शांति और व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। वहीं, विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग पर अड़ा हुआ है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पुलिस अलर्ट
CJP के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर समेत कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए कई मार्गों पर प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं।
प्रदर्शन से पहले कुछ आयोजकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
12 अक्टूबर को कांग्रेस के प्रदर्शन की तैयारी
इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस की ओर से 12 अक्टूबर को दिल्ली में अलग प्रदर्शन आयोजित किए जाने की खबर भी सामने आई है। इसमें विभिन्न राज्यों के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल राहुल गांधी के ताजा बयान ने केंद्र सरकार, विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच जारी राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में चुनावी पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और गरमा सकता है।





