नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को फिर हिरासत में ले लिया। यह पिछले 24 घंटे में दूसरी बार है जब दोनों नेताओं को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विंडसर प्लेस के पास रोक दिया।


सड़क पर बैठीं प्रियंका गांधी

पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी सड़क पर बैठकर विरोध करने लगीं। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया और हिरासत में लिया। राहुल गांधी को भी पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया। विपक्षी दल चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध कर रहे हैं।


प्रियंका गांधी ने पुलिस पर लगाए बल प्रयोग के आरोप

हिरासत के दौरान प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। कांग्रेस नेताओं ने भी पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। पुलिस की ओर से प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेताओं को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई।


एक दिन पहले भी हुई थी हिरासत

इससे पहले मंगलवार, 6 अक्टूबर को भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई INDIA गठबंधन के सांसदों को चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च के दौरान रोका गया था। बाद में राहुल और प्रियंका आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए थे। करीब आठ घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में लिया था और बाद में रिहा कर दिया गया।


आकाशवाणी भवन मामले में FIR भी दर्ज

दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। यह कार्रवाई संबंधित शिकायत के आधार पर की गई है।


चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन जारी

INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार विरोध कर रहा है। वहीं इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।