रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लागू दोहरी पुलिस व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। शहर में पुलिस कमिश्नरेट और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग पुलिस व्यवस्था लागू होने के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए पूरे रायपुर जिले में एकीकृत पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है।


जानकारी के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (DGP) की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमित संसाधनों और उपलब्ध पुलिस बल के साथ दोहरी व्यवस्था को लंबे समय तक प्रभावी ढंग से संचालित करना कठिन है। समिति ने पूरे जिले में एक समान पुलिस व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है।


बताया जा रहा है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण पुलिस समन्वय, प्रशासनिक कार्यों और कर्मचारियों के तबादलों में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर भी चुनौतियां सामने आई हैं। इसके अलावा नए पुलिस ढांचे, कार्यालयों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की भी आवश्यकता होगी।


अब राज्य सरकार पूरे रायपुर जिले को एकीकृत पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के दायरे में लाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक समान पुलिसिंग व्यवस्था लागू होगी, जिससे प्रशासनिक समन्वय बेहतर होने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।