रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने का चलन तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में होने वाली संपत्ति रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने के बाद इसके आंकड़ों में भी असर दिखाई देने लगा है। मई 2026 में व्यवस्था लागू होने के बाद चार महीनों में 40,886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज महिलाओं के नाम दर्ज किए गए हैं।


4% से घटाकर 2% किया गया पंजीयन शुल्क

राज्य सरकार के फैसले के तहत महिलाओं के नाम जमीन या अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क की दर आधी कर दी गई है। पहले यह शुल्क संपत्ति के बाजार मूल्य का 4 प्रतिशत था, जिसे महिलाओं के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।

इससे रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है और महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिला है।


प्रदेश में कुल रजिस्ट्री भी बढ़ी

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 8 सितंबर तक 1,60,981 संपत्तियों का पंजीयन किया जा चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 1,42,187 रजिस्ट्री हुई थीं।

इस तरह इस बार 18,794 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है, जो करीब 13.2 प्रतिशत की वृद्धि है। जुलाई में रजिस्ट्री में 30 प्रतिशत और अगस्त में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


परिवार के भीतर संपत्ति हस्तांतरण पर भी राहत

सरकार ने परिवार के भीतर संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों पर भी राहत दी है। दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है।

वहीं सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी गई है।


घर बैठे रजिस्ट्री और ऑटो म्यूटेशन की सुविधा

पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया है। लोगों को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा देने के साथ ऑटो म्यूटेशन यानी रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण की व्यवस्था शुरू की गई है।

इसके तहत अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण पूरे किए जा चुके हैं। दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए व्हाट्सऐप जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।

महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में दी गई 50 प्रतिशत की रियायत से एक ओर रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है, वहीं संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है।