बिलासपुर। कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए जानलेवा हमले के मामले में तारबाहर थाना पुलिस ने अहम खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि श्याम कश्यप की हत्या कराने के लिए कथित तौर पर हमलावरों को पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। मामले में पुलिस ने एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत किशोर को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सहित दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी तलाश लगातार जारी है।

पुलिस के मुताबिक, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए श्याम कश्यप की हालत नाजुक हो गई थी। इलाज के दौरान उनकी एक आंख निकालनी पड़ी, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान किया गया हमला

पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे की है। श्याम कश्यप रेलवे अस्पताल के समीप मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे तीन युवक मोटरसाइकिल से पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी देते हुए डंडों से उनके सिर, हाथ और पैरों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलने पर श्याम कश्यप के पुत्र शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार तथा थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। फुटेज के आधार पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की पहचान की गई। इसके बाद वाहन मालिक से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों की पहचान कर ली।

फिलहाल एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।